जयपुर के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। जयपुर मेट्रो के फेज-2 में 40 किलोमीटर लंबे रूट पर 35 स्टेशन
बनाए जाएंगे, और इसमें लगभग 10,500 करोड़ रुपए की लागत आएगी ड्राफ्ट डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के
अनुसार, जयपुर मेट्रो के फेज-2 का प्रस्तावित रूट 40 किलोमीटर का होगा, जिसमें कुल 35 मेट्रो स्टेशन
होंगे। इनमें से सिर्फ सांगानेर पुलिस थाना स्टेशन अंडरग्राउंड रहेगा , जबकि बाकी 34 स्टेशन एलिवेटेड रहेंगे।
20 से 25 लाख लोगों को होगा सीधा फायदा
मेट्रो का लगभग 90 प्रतिशत कॉरिडोर एलिवेटेड होगा, इसलिए इस फेज की लागत करीब 10,500 करोड़
रुपये होने का अनुमान है। इस परियोजना से जयपुर की 20 से 25 लाख आबादी को सीधा फायदा मिलेगा,
जिससे शहर में आवागमन आसान होगा और ट्रैफिक भी कम होगा। जयपुर मेट्रो का यह दूसरा फेज शहर के
विकास और स्मार्ट सिटी मिशन के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।

जयपुर मेट्रो का नया रूट: सीतापुरा से अशोक मार्ग तक का सफर

बता दें कि सीतापुरा से पिंजरापोल गौशाला तक मेट्रो एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी, और गौशाला पर एक
एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होगा। गौशाला से आगे मेट्रो कॉरिडोर अंडरग्राउंड रहेगा , सांगानेर फ्लाईओवर के नीचे
एक अंडरग्राउंड स्टेशन बनेगा, जिससे यात्री एयरपोर्ट टर्मिनल की ओर आसानी से आ-जा सकेंगे।
सांगानेर थाने से मेट्रो कॉरिडोर फिर से एलिवेटेड हो जाएगा। इसके बाद यह बीटू बायपास चौराहे पर क्लोवर
लीफ को पार करते हुए गुजरेगा। यहां से टोंक रोड पर अशोक मार्ग तक मेट्रो एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी। टोंक
रोड पर दुर्गापुरा एलिवेटेड रोड के ऊपर से मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी।

इस रास्ते से होकर गुजरेगी

मेट्रो के लिए पहले से छोड़े गए पिल्लरों पर कॉरिडोर बनाया जाएगा। गोपालपुरा फ्लाईओवर और टोंक
फाटक आरओबी पर कॉरिडोर का निर्माण नहीं होगा। यहां एक तरफ मेट्रो कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है। यह
ट्रेन टोंक रोड से अशोक मार्ग की ओर घूमेगी। इसके बाद अशोक मार्ग से होते हुए गवर्नमेंट हॉस्टल, खासा
कोठी सर्किल, कलक्ट्रेट, चिंकारा कैंटीन, पानीपेच और अंबाबाड़ी तक जाएगी। सीकर रोड पर भवानी

निकेतन शिक्षण संस्थान से कॉरिडोर शुरू होगा, और यह हरमाड़ा से आगे टोडी मोड तक बनेगा। सीकर रोड
पर मौजूदा बीआरटीएस के बीच में ही यह कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।

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