आजकल भारत में असुरक्षित यौन संबंधों के बाद अनचाही प्रेगनेंसी से बचने के लिए इमरजेंसी बर्थ कंट्रोल पिल्स (Emergency Contraceptive Pills) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। खासकर जवान लड़कियां और महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह के ये गोलियां ले रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका बार-बार या गलत इस्तेमाल आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है? इमरजेंसी पिल्स, जिन्हें मॉर्निंग-आफ्टर पिल्स भी कहते हैं, प्रेगनेंसी को रोकने में मदद तो करती हैं, लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी कम खतरनाक नहीं हैं।इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि इमरजेंसी पिल्स क्या हैं, इनके साइड इफेक्ट्स क्या हैं, और सुरक्षित गर्भनिरोध के लिए क्या करना चाहिए।

इमरजेंसी पिल्स क्या हैं?

इमरजेंसी बर्थ कंट्रोल पिल्स ऐसी गोलियां हैं, जो बिना कंडोम सेक्स के बाद के बाद अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए ली जाती हैं। भारत में i-Pill, Unwanted-72 जैसे ब्रांड्स की पिल्स फेमस हैं। ये गोलियां हार्मोन्स (लेवोनोर्जेस्ट्रेल) के जरिए काम करती हैं, जो ओवुलेशन (अंडा बनने की प्रक्रिया) को रोकती हैं या गर्भाशय में शुक्राणु को निष्क्रिय करती हैं। इनका सबसे अच्छा समय है असुरक्षित संबंध के बाद 24 घंटे के अंदर, लेकिन 72 घंटे तक भी यह इफेक्टिव हो सकती है। हालांकि, ये 100% गारंटी नहीं देतीं और बार-बार इस्तेमाल से कई प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।

इमरजेंसी पिल्स का बढ़ता क्रेज

पिछले 5 सालों में 18 से 30 साल की महिलाओं में इमरजेंसी पिल्स का इस्तेमाल 25% बढ़ा है। फार्मासिस्ट्स के मुताबिक, पिछले 2 सालों में इन पिल्स की बिक्री में 10% की बढ़ोतरी हुई है। इसका बड़ा कारण है इंटरनेट पर आसानी से अवेलेबल होना और बिना प्रिस्क्रिप्शन के इनका मिलना। कई लड़कियां और महिलाएं शर्मिंदगी या झिझक की वजह से डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय सीधे मेडिकल स्टोर से ये गोलियां खरीद लेती हैं। लेकिन बिना सलाह के इनका इस्तेमाल फ्यूचर में सीरियस हेल्थ इश्यूज क्रिएट कर सकता है।

एक्टोपिक प्रेगनेंसी का खतरा

हाल ही में दिल्ली की 21 साल की एक लड़की का मामला सामने आया, जिसने असुरक्षित यौन संबंध के बाद इमरजेंसी पिल ली। कुछ समय बाद उसे तेज पेट दर्द हुआ, और जब वह डॉक्टर के पास पहुंची, तो पता चला कि उसे एक्टोपिक प्रेगनेंसी है। एक्टोपिक प्रेगनेंसी तब होती है, जब निषेचित अंडा गर्भाशय के बजाय फैलोपियन ट्यूब या दूसरी जगह प्रत्यारोपित हो जाता है। यह एक जानलेवा स्थिति हो सकती है। डॉक्टरों ने बताया कि इस लड़की ने बार-बार इमरजेंसी पिल्स का इस्तेमाल किया, जो एक्टोपिक प्रेगनेंसी का एक बड़ा कारण बना। यह मामला दिखाता है कि इमरजेंसी पिल्स का गलत या ज्यादा इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है।

इमरजेंसी पिल्स के साइड इफेक्ट्स

फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, इमरजेंसी पिल्स का बार-बार इस्तेमाल कई प्रॉब्लम्स क्रिएट कर सकता है:

कई महिलाएं यह गलतफहमी रखती हैं कि ये पिल्स यौन संचारित रोगों (STI) से बचाती हैं या अबॉर्शन पिल्स की तरह काम करती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। इमरजेंसी पिल्स सिर्फ प्रेगनेंसी रोकने में मदद करती हैं और STI से कोई सुरक्षा नहीं देतीं। साथ ही, इनका फेल्यर रेट 10-20% तक हो सकता है।

एक्सपर्ट्स की सलाह

फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इमरजेंसी पिल्स को सिर्फ इमरजेंसी सिचुएशन में ही लेना चाहिए, न कि नियमित गर्भनिरोध के लिए। अगर आप यौन रूप से सक्रिय हैं, तो इनके बजाय सुरक्षित ऑप्शन अपनाएं:

डॉक्टरों के मुताबिक, पहले इमरजेंसी पिल्स के साइड इफेक्ट्स के मामले कम आते थे, लेकिन अब हर हफ्ते एक नया केस सामने आ रहा है। यह चिंताजनक है, क्योंकि बिना जानकारी के इनका इस्तेमाल महिलाओं की सेहत को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है।

सुरक्षित गर्भनिरोध के लिए टिप्स

 

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