कुकीज क्या हैं? वेबसाइट पर : इंटरनेट पर जब आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो अक्सर एक पॉप-अप दिखता है, जिसमें लिखा होता है: “This website uses cookies. Accept or Reject?” ज्यादातर लोग बिना सोचे Accept बटन दबा देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ये कुकीज होती क्या हैं? इन्हें स्वीकार (Accept) या अस्वीकार (Reject) करने से आपके ऑनलाइन एक्सपीरियंस पर क्या असर पड़ता है? इस लेख में हम कुकीज की पूरी जानकारी, उनके प्रकार, काम करने का तरीका, और इन्हें स्वीकार या अस्वीकार करने के फायदे-नुकसान विस्तार से समझेंगे।

कुकीज क्या होती हैं?

कुकीज छोटी-छोटी टेक्स्ट फाइल्स होती हैं, जो वेबसाइट आपके ब्राउजर (जैसे क्रोम, फायरफॉक्स) में सेव करती हैं। इनका काम है आपकी ऑनलाइन एक्टिविटीज और प्रेफरेन्सेस को याद रखना, ताकि अगली बार जब आप उसी वेबसाइट पर जाएं, तो आपका एक्सपीरियंस बेहतर और तेज हो। उदाहरण के लिए:

कुकीज आपकी आईपी एड्रेस, डिवाइस डिटेल्स, और ब्राउजिंग हिस्ट्री जैसी जानकारी स्टोर करती हैं, जिससे वेबसाइट्स को आपके लिए कंटेंट को पर्सनलाइज करने में मदद मिलती है।

कुकीज के प्रकार

कुकीज कई तरह की होती हैं, और हर एक का काम अलग होता है:

  1. सेशन कुकीज: ये टेंपरेरी होती हैं और आपके ब्राउजर बंद करते ही डिलीट हो जाती हैं। जैसे, ऑनलाइन फॉर्म भरते समय या लॉगिन सेशन के लिए इस्तेमाल होती हैं।
  2. पर्सिस्टेंट कुकीज: ये आपके डिवाइस में लंबे समय (हफ्तों या महीनों) तक रहती हैं। ये आपकी प्रेफरेन्सेस (जैसे भाषा, थीम) और लॉगिन स्टेटस याद रखती हैं।
  3. थर्ड-पार्टी कुकीज: ये विज्ञापन कंपनियां या थर्ड पार्टी की वेबसाइट्स सेट करती हैं। ये आपकी ब्राउजिंग आदतों पर नजर रखकर टारगेटेड विज्ञापन दिखाती हैं।
  4. सिक्योर कुकीज: ये केवल HTTPS वेबसाइट्स पर काम करती हैं और डेटा को एन्क्रिप्ट करके सुरक्षित रखती हैं।

कुकीज Accept करने का क्या मतलब है?

जब आप किसी वेबसाइट पर Accept Cookies बटन दबाते हैं, तो आप उस वेबसाइट को अपनी कुछ जानकारी सेव करने की इजाजत देते हैं। इसके फायदे हैं:

लेकिन नुकसान भी हैं:

कुकीज Reject करने का क्या मतलब है?

Reject Cookies चुनने का मतलब है कि आप वेबसाइट को अपनी जानकारी सेव करने की इजाजत नहीं दे रहे। इसके फायदे हैं:

लेकिन नुकसान भी हैं:

Accept या Reject: क्या चुनें?

यह आपके प्राइवेसी प्रेफरेन्सेस पर डिपेंड करता है:

कुकीज मैनेज करने के टिप्स

  1. ब्राउजर सेटिंग्स चेक करें: क्रोम, फायरफॉक्स जैसे ब्राउजर्स में प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर कुकीज ब्लॉक या डिलीट करें।
  2. इनकॉग्निटो मोड: यह सेशन कुकीज को सेव नहीं करता।
  3. रेगुलर क्लीनअप: ब्राउजिंग हिस्ट्री और कुकीज नियमित रूप से डिलीट करें।
  4. थर्ड-पार्टी ब्लॉकर्स: AdBlock या Privacy Badger जैसे टूल्स थर्ड-पार्टी कुकीज को रोकते हैं।
  5. सुरक्षित वेबसाइट्स: केवल HTTPS वाली वेबसाइट्स पर कुकीज स्वीकार करें।

कुकीज का फ्यूचर

प्राइवेसी चिंताओं के चलते गूगल ने 2024 में घोषणा की थी कि वह थर्ड-पार्टी कुकीज को क्रोम से धीरे-धीरे हटाएगा। लेकिन 2025 तक यह पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। भविष्य में प्राइवेसी-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे FLoC या सैंडबॉक्स कुकीज की जगह ले सकती हैं।

अंत में

कुकीज आपके ऑनलाइन एक्सपीरियंस को आसान बनाती हैं, लेकिन इनके साथ प्राइवेसी जोखिम भी जुड़े हैं। Accept या Reject का फैसला लेने से पहले वेबसाइट की कुकी पॉलिसी पढ़ें और अपनी जरूरतों के हिसाब से चुनें। क्या आप कुकीज को लेकर सतर्क रहते हैं? अपनी आदतें और टिप्स कमेंट में शेयर करें!

यह भी पढ़े : गूगल क्रोम अलर्ट: हैकर्स से खतरा! CERT-In की चेतावनी, तुरंत अपडेट करें ब्राउजर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *